नैनबाग (टिहरी गढ़वाल):
राजकीय इंटर कॉलेज नैनबाग में सात दिवसीय शिव महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत एक भव्य कलश शोभायात्रा से हुई, जो नगर के मुख्य बाजार से होती हुई यमुना तट तक पहुंची और वहां जलभर कर कथा स्थल लाई गई।
इस धार्मिक आयोजन का आयोजन विश्व भक्ति योग जन सेवा समिति, यमुना आश्रम नैनबाग द्वारा किया गया। पहले दिन वैदिक मंत्रोच्चार व पूजन-अर्चन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय संत लवदास जी महाराज ने कथा वाचन करते हुए शिव महापुराण कथा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “शिव महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह जीवन को सार्थक बनाने का मार्ग है। पुराणों और शास्त्रों में वर्णित ज्ञान आज के सामाजिक परिप्रेक्ष्य में भी उतना ही प्रासंगिक है।”
कथा के दौरान उन्होंने स्त्री धर्म का उल्लेख करते हुए कहा कि “एक पत्नी का सबसे बड़ा धर्म अपने पति की सेवा है, यही उसका सर्वोच्च कर्तव्य है।”
कलश यात्रा राइका परिसर से शुरू हुई, जिसमें पारंपरिक जौनपुरी वेशभूषा में महिलाएं यमुना नदी में स्नान व जल भरने के उपरांत कथा स्थल पहुंचीं। पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण और भक्तिभाव का संचार देखने को मिला।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में शंकर महाराज, आचार्य कपिल सेमवाल, दीपक नौटियाल, रोहित शास्त्री, समिति अध्यक्ष गंभीर सिंह रावत, सचिव मोहन थपलियाल, उपाध्यक्ष राजेश कैन्तुरा, कोषाध्यक्ष दिनेश तोमर, एवं अन्य प्रमुख समाजसेवी शामिल रहे।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी विशेष रूप से देखने को मिली, जिनमें प्रमिला, पवित्रा मैठाणी, सीमा, मीरा, सुनीता, मीना देवी आदि ने शोभायात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

