दो दिवसीय दौरे पर सिक्किम पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, राज्य के गठन के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित समारोह में लिया हिस्सा

गंगटोक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर सिक्किम पहुंचे, जहां राज्य के गठन के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित समारोह में उन्होंने हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने सिक्किम की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और देशभक्ति के जज्बे की जमकर सराहना की।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सिक्किम पहुंचते ही उन्हें एक अलग ही ऊर्जा और उत्सव का माहौल महसूस हुआ। उन्होंने यहां के मौसम, हरियाली और शांत वातावरण को अद्भुत बताते हुए इसे “पूरब का स्वर्ग” करार दिया।

उन्होंने कहा कि आज जब कुछ ताकतें देश में विभाजनकारी सोच को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही हैं, तब सिक्किम ने “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की सच्ची तस्वीर पेश की है। यहां के लोगों ने अपने व्यवहार और देशप्रेम से पूरे देश का दिल जीत लिया है।

प्रधानमंत्री ने अपने पिछले दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि खराब मौसम के कारण वह पहले यहां नहीं पहुंच पाए थे और तब से ही लोगों से मिलने की इच्छा मन में थी, जो अब पूरी हुई। उन्होंने सिक्किम के लोगों की सादगी, विनम्रता और मुस्कान की भी तारीफ की।

उन्होंने रोड शो के दौरान दिखे उत्साह को याद करते हुए कहा कि तिरंगे के साथ लोगों का जोश और देशभक्ति का माहौल लंबे समय तक याद रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने राज्य की स्वच्छता को भी सराहा और कहा कि यहां के लोग प्रकृति के सच्चे रक्षक हैं।

प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व में विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ने का काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि नॉर्थईस्ट भारत के लिए केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि “अष्टलक्ष्मी” है। केंद्र सरकार ‘एक्ट ईस्ट’ के साथ ‘एक्ट फास्ट’ नीति पर काम कर रही है, जिससे इस क्षेत्र का तेजी से विकास हो सके।

अपने संबोधन में उन्होंने पर्यटन को सिक्किम की बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि छोटे से क्षेत्र में यहां जैव विविधता का विशाल भंडार है। सरकार कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है, जिससे राज्य के गांव-गांव तक विकास पहुंच सके।