उत्तराखंड में अगले साल ही विधानसभा चुनाव होने हैं मगर सत्ता दल यानी कि भारतीय जनता पार्टी सरकार मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने के बाद अपना वोट बैंक मजबूत कर दिन-रात एक करने में जुटी है, तो दूसरी तरफ विपक्ष की भूमिका निभाने वाली कांग्रेस पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री मानो जैसे अपना पूर्व की भांति वर्चस्व तलाश करने और उसे मजबूत करने के लिए तरस रहे हैं। हालांकि कांग्रेस के शासनकाल में बतौर मुख्यमंत्री रह चुके और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत हाल ही में राष्ट्रीय नेतृत्व धारियों से मुलाकात कर अपने अतिरिक्त प्रभार के रूप में सुपर गए पंजाब के चार्ज को वापस लेकर अपने गृह राज्य में ही फोकस करने की दिली इच्छा जता चुके हैं। मगर सूत्रों के मुताबिक, हरीश रावत को इसमें कोई कामयाबी हासिल नहीं हो पाई थी। अब दबी जुबान में ही सही, कांग्रेस के दिग्गज कहे जाने वाले हरीश रावत ने सामने आकर धीरे-धीरे अपनी अंदरूनी तमन्ना पेश करनी शुरू कर दी है, जिससे उनकी पार्टी की अंदरूनी कलह भी अब सार्वजनिक होता चली जा रही है, इतना ही नहीं बल्कि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बागियों को लेकर बयान दिया है। हरीश रावत ने कहा है कि लोग लगातार मुझसे पूछते हैं कि क्या बागियों की वापसी होगी, तो मैं कहना चाहता हूं कि अगर कोई वापस आना चाहता है और उसके अंदर 1% भी कांग्रेस के लिए ईमानदारी है, तो वह आ सकता है।