श्रीनगर: उत्तराखंड का पौडी जिला झीलों का शहर बनने जा रहा है. अब जिले के विभिन्न क्षेत्रों में झीलें बनने जा रही हैं। इस संबंध में सिंचाई विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। फिलहाल सरकार ने इन दस झीलों में से एक के लिए बजट जारी कर दिया है, जबकि ल्वलि झील का काम अब दूसरे चरण में पहुंच गया है.

विभाग के मुताबिक, झीलों के निर्माण से जहां जल संचयन में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर जिले के कई नये पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की आमद भी बढ़ेगी. मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद ही सभी झीलों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।इसमें जयहरीखाल 1.30 किलोमीटर लंबी झील,द्वारीखाल 0.750 लंबी झील, रेन्द्रीगाड़ में 0.900किमी लंबी झील,थलीसैंड में 0.275 लंबी झील,थलीसैंड में ही 0.527 किमी लंबी झील, बीरोंखाल में 0.250 लंबी झील,यमकेश्वर 0.500 लंबी झील,दुगड्डा में 0.900 लंबी झील,यमकेश्वर में 0.500 लंबी झील बनना प्रस्तावित है.

इन झीलों का उपयोग सिंचाई और आसपास के गांवों की पानी की समस्या को हल करने के लिए किया जाएगा। सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता सचिन शर्मा ने बताया कि सभी 10 झीलों का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। इनमें से सात झीलों का निर्माण श्रीनगर सिंचाई विभाग द्वारा किया जाना है, जबकि तीन झीलों का निर्माण दुगडा सिंचाई विभाग द्वारा किया जाना है।

जबकि दुगड्डा सिंचाई खंड द्वारा तीन झीलें बनाई जाएंगी। सभी तालाबों का निर्माण मुख्यमंत्री की घोषणा के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी झीलों का निर्माण पेयजल समस्या के समाधान और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है. इसके साथ ही किसान इन झीलों के पानी का उपयोग सिंचाई के लिए भी कर सकेंगे.

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता ओमन चांडी का लंबे समय से बीमार रहने के बाद निधन हो गया