धर्मनगरी हरिद्वार के विभिन्न ट्रैवल एंड टूरिज्म से जुड़ी संस्थाओं एवं होटल एसोसिएशन हरिद्वार द्वारा बाजार और चारधाम यात्रा खोले जाने की मांग को लेकर हरिद्वार से मुख्यमंत्री आवास देहरादून के लिए आज एक पैदल मार्च रवाना हुआ। संयुक्त मोर्चा पर्यटन उद्योग ने सरकार को चारधाम यात्रा खोलने एवं उत्तराखंड में प्रवेश करने के लिए आरटीपीसीआर की बाध्यता को समाप्त करने के लिए हरिद्वार के शिव मूर्ति चौक से संतों का आशीर्वाद लेने के उपरांत मुख्यमंत्री आवास देहरादून के लिए कूच किया। इस मौके पर ट्रेवल व्यवसायी संजय शर्मा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का भेष धारण कर पैदल मार्च पर निकले।
उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण में कमी आने के बाद उत्तराखंड के तमाम व्यापारी संगठनों द्वारा लगातार सरकार से बाज़ार और चारधाम यात्रा खोले जाने की मांग की जा रही है। इस मौके पर ट्रैवल्स व्यवसायी बंटी भाटिया ने बताया कि हरिद्वार के विभिन्न ट्रैवल और टूरिज्म से जुड़ी संस्थाओं, होटल एसोसिएशन और आश्रम संचालकों के सामूहिक संगठन संयुक्त मोर्चा पर्यटन उद्योग द्वारा हरिद्वार से देहरादून मुख्यमंत्री आवास तक एक पैदल मार्च शुरू किया गया है, जिसमें संयुक्त मोर्चा पर्यटन उद्योग ने मांग की कि उत्तराखंड पर्यटन पर आधारित प्रदेश है इसलिए सरकार को चाहिए कि कोविड संक्रमण में कमी आने के बाद बाजार और चारधाम यात्रा को खोल देना चाहिए। इसी मांग को लेकर आज संयुक्त मोर्चा द्वारा हरिद्वार से देहरादून पैदल मार्च निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सारे बाज़ार प्रतिदिन खोले जाएं तथा सभी टूरिज्म से जुड़े लोगों को चाहे वो टैक्सी वाले, होटल वाले या टूर एंड ट्रेवल्स वाले हों, सभी को सस्ते सब्सिडाइज्ड सॉफ्ट लोन की व्यवस्था करवाई जाए। उन्होंने बताया कि पद यात्रा पर निकला संयुक्त मोर्चा देहरादून पहुंच कर मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से मुलाकात कर संयुक्त मोर्चे की मांग का ज्ञापन सौंपेगा। वहीं होटल व्यवसायी आशु शर्मा ने बताया कि आज शिवमूर्ति चौक से शुरू हुआ यह पैदल मार्च रात्रि विश्राम डोईवाला में कर कल 19 जून को देहरादून पहुंचेगा। जहाँ सरकार से यह आग्रह किया जाएगा कि वह चारधाम यात्रा को अति शीघ्र खोलें तथा उत्तराखंड राज्य में प्रवेश के लिए आरटीपीसीआर की बाध्यता को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए। अन्य बहुत से संगठन जो ट्रांसपोर्ट एवं पर्यटन से जुड़े हैं उन सब का भी समर्थन इस पैदल मार्च को मिलेगा। इस मौके पर अखाड़ा परिषद के पूर्व प्रवक्ता बाबा हठयोगी ने कहा कि उत्तराखंड ऐसा प्रदेश है जो आर्थिक रूप से पर्यटन पर ही आधारित है, इसलिए प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह अन्य राज्यों की भांति कोविड संक्रमण में कमी आने के बाद बाजारों को पूर्ण रूप से खोलने और चारधाम यात्रा को सुचारू रूप से खोले जाने पर विचार करे।
चारधाम यात्रा खोले जाने की मांग को लेकर व्यापारियों ने निकाला दांडी मार्च

