नई दिल्ली : मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) द्वारा पूरे मेट्रो नेटवर्क में नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) के जरिए यात्रा सुविधा मुहैया कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए सभी मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास बिंदुओं पर कम से कम एक या दो स्वचालित किराया संग्रह (एएफसी) गेट आरक्षित किए जा रहे हैं। इससे एनसीएमसी कार्ड धारकों को दूसरे गेट पर यात्रियों की कतार में नहीं लगना पड़ेगा।

डीएमआरसी के अधिकारी ने बताया कि गेट जो एनसीएमसी कार्ड धारकों के लिए आरक्षित होगा। इनमें एक अलग तरह का सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया जाएगा जो सिर्फ एनसीएमसी कार्ड को रीड करेगा। साथ ही इन गेटों पर क्यूआर कोड स्कैनर भी लगाया जाएगा। इसे अपने फोन से स्कैन कर आप मेट्रो में सफर कर सकेंगे।

इसके अलावा इन गेटों से अकाउंट बेस्ड टिकट और नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी) के जरिए यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध होगी। यानी लोग अपने फोन में मौजूद टिकट के क्यूआर कोड को गेट पर पंच करके एंटर कर सकेंगे। इस नए सिस्टम के आने के बाद मेट्रो के स्मार्ट कार्ड की जरूरत लगभग खत्म हो जाएगी।

मेट्रो में यात्री अपने बैंक के रुपे आधारित डेबिट/क्रेडिट कार्ड या मोबाइल से ही यात्रा कर सकेंगे और किराया सीधे उनके बैंक खाते से कट जाएगा. क्यूआर कोड को एनसीएमसी सिस्टम से भी जोड़ा जाएगा। जिस तरह अब हम मोबाइल वॉलेट के जरिए क्यूआर कोड स्कैन करके सीधे अपने बैंक खाते से यूपीआई के जरिए भुगतान करते हैं, उसी तरह हम मेट्रो में सफर का किराया भी चुका सकेंगे।

अधिकारी ने कहा कि अप्रैल तक मेट्रो के पूरे नेटवर्क पर यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी। सभी स्टेशनों के प्रवेश-निकास बिंदुओं पर स्थापित एएफसी गेटों में दाहिनी या बाईं ओर एक या दो गेट एनसीएमसी कार्ड से यात्रा करने वालों के लिए आरक्षित किए जा रहे हैं। इसके लिए गेट के डिजाइन में भी कुछ बदलाव किए जा रहे हैं।

इन गेट्स पर मेट्रो स्मार्ट कार्ड की तरह दिखने वाले एक कार्ड की फोटो चिपकाई जा रही है, जिस पर एनसीएमसी लिखा हुआ है. इसके बगल में क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं, जिन्हें स्कैन कर यात्रा की जा सकती है। दूसरे लोग रिजर्व गेट पर न आएं। इसके लिए गेटों पर ‘कार्ड ओनली’ लिखा स्टीकर भी चिपकाया जा रहा है।