मसूरी , PAHAAD NEWS TEAM
पहाड़ों की रानी मसूरी में क्षतिग्रस्त टायरों से तरह-तरह के सामान तैयार किए गए हैं. वहीं अपने आकर्षक डिजाइन की वजह से ‘आउटडोर प्लेस्केप’ लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इतना ही नहीं यहां विभिन्न साइज के स्क्रैप टायरों का बेहतरीन इस्तेमाल किया गया है, जिन्हें खूबसूरत रंगों से सजाया गया है। वहीं स्क्रैप टायरों पर की गई बेहतरीन कारीगरी लोगों और पर्यटकों को भी खूब भा रही है।
टायरों से बने खेलों के विभिन्न मॉडल मसूरी में बच्चों को आकर्षित कर रहे हैं। वहीं विभिन्न सामानों की जानकारी देने के लिए यहां एक बोर्ड भी लगाया गया है। इसके माध्यम से पर्यटक स्थानीय लोगों के अलावा माल के निर्माण की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस पूरे मिशन में मसूरी हिलदारी संस्था और नेस्ले इंडिया की ओर से एक पहल की गई है। जिसे स्त्री मुक्ति संगठन इंप्लीमेंटेशन पार्टनर और रेसिटी नेटवर्क द्वारा तकनीकी रूप से सहायता प्रदान की जा रही है।
इस संबंध में हिलदारी के प्रबंधक अरविंद शुक्ला ने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हिलदारी के साथी एंथिल्स, बेंगलुरु द्वारा काम किया गया था. उन्होंने कहा कि दुनिया भर में हर साल 1.5 अरब से अधिक बेकार टायर हैं और उनमें से केवल 6 प्रतिशत भारत में हैं। यदि वहां उत्पन्न होने वाले इस कचरे का भी ठीक उसी तरह उपयोग किया जाता तो इससे उत्पन्न होने वाले कचरे को कम किया जा सकता था।

