मसूरी , PAHAAD NEWS TEAM

पार्षद गीता कुमाई ने दी आंदोलन की चेतावनी

क्वीन ऑफ द हिल्स स्थित ऐतिहासिक झूलाघर का निर्माण कार्य व सौंदर्यीकरण पूरा नहीं होने पर क्षेत्रीय पार्षदों व व्यवसायियों ने नाराजगी जताई है. पार्षद गीता कुमाई ने बताया कि 2016 से झूला घर बनाया जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं होने से लोगों में आक्रोश है.

गीता कुमाई ने कहा कि झूलाघर क्षेत्र में एक ही शौचालय है, जो लंबे समय से बंद पड़ा है. जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पार्षद ने कहा कि उन्होंने मसूरी नगर पालिका के कार्यपालक अधिकारी, नगर अभियंता व ठेकेदार से शौचालय निर्माण को पूरा करने का अनुरोध किया है.

साथ ही उन्होंने झूले के सौंदर्यीकरण का काम पूरा करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही झूलाघर और शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया तो वह जिलाधिकारी व गढ़वाल आयुक्त से नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत करेंगी और क्षेत्र के लोगों के साथ आंदोलन भी करेंगी.

झूलाघर के व्यवसायी राकेश पंवार और श्रीपति कंडारी ने बताया कि 2016 में तत्कालीन नगर अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने झूलाघर के सौंदर्यीकरण और व्यापारियों के लिए दुकानें बनाने के लिए झूलाघर को तोड़ा था. लेकिन 2016 से शुरू हुआ निर्माण आज तक पूरा नहीं हो पाया है. झूला हाउस के व्यापारी काम के लिए ठोकर खा रहे हैं। जो दुकानें बन रही हैं, वे छोटी होने के कारण किसी काम की नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि उन्होंने वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता और नगर पालिका के सदस्यों से झूले को पुराने स्वरूप में लौटाने और दुकानदारों को दुकान आवंटित करने की लगातार मांग की, लेकिन महज आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला. जिससे लोगों में जबरदस्त आक्रोश है।

उन्होंने कहा कि मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा नगर पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते झूलाघर के निर्माण पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. वहीं नगर पालिका की ओर से 80 लाख रुपये का निवेश कर सिर्फ पत्थर ही लगवाए जा रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। सौंदर्यीकरण के नाम पर बड़ा घोटाला किया जा रहा है, जिसकी उच्च स्तर पर जांच होनी चाहिए।