देहरादून , PAHAAD NEWS TEAM
प्रदेश के सभी जिलों में बालिका दर में सुधार के उद्देश्य से मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना लाई जा रही है. जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 17 जुलाई को मुख्यमंत्री जनता दर्शन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में करेंगे। पहले इस योजना का शुभारंभ पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा 30 जून को किया जाना था, लेकिन राज्य में अचानक राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने के चलते इसका शुभारंभ टाल दिया गया था.
बता दें कि इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ जन्म लेने वाली नवजात लड़कियों के बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए विशेष किट प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के तहत मां और 2 नवजात बालिकाओं/जुड़वाँ लड़कियों के जन्म पर महालक्ष्मी किट प्रदान की जाएगी। जिसमें जच्चा-बच्चा से संबंधित विभिन्न प्रकार की वस्तुएं जैसे कंबल, बच्चे और मां के कपड़े और ड्राई फ्रूट्स इत्यादि होंगे । इसके साथ ही इस किट में नवजात बच्ची के टीकाकरण से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध होगी।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि 17 जुलाई को प्रदेश भर में वर्चुअल माध्यम से 16 हजार से अधिक महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट का वितरण किया जाएगा. इस किट को एक साल में 50 हजार से ज्यादा महिलाओं को बांटने का लक्ष्य रखा गया है.
यदि मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के उद्देश्यों की बात करें तो पहली प्राथमिकता संस्थागत प्रसव के दौरान बालिका दर को बढ़ावा देना है। मातृ मृत्यु दर एवं बालिका मृत्यु दर में कमी लाना भी इसका प्रमुख कारण है । प्रसव के समय माँ और बालिका को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना, ताकि माँ और बालिका का अतिरिक्त ध्यान रखा जा सके, यह योजना उस लिहाज से भी बहुत फायदेमंद है।
स्तनपान के बारे में जानकारी विशेषकर नवजात बालिका को पहले एक घंटे के अंदर स्तनपान कराए जाने के संबंध में प्रसव उपरांत स्वच्छता के बारे में जागरूक करना भी इस योजना का मुख्य उद्देश्य है
यदि कोई गर्भवती महिला मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना का लाभ लेना चाहती है तो इसके लिए गर्भवती महिला को आंगनबाडी केंद्र में पंजीकरण कराना होगा। इसके साथ ही उत्तराखंड का स्थायी निवासी होना भी बहुत जरूरी है।

