कोरोना संक्रमण की चौथी लहर की आहट को देख सरकार सतर्क हो गई है. इसके साथ ही वह लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज लगवाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। प्रदेश में अब तक 65 लाख लोग ऐसे हैं, जिन्हें वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं, लेकिन बूस्टर डोज नहीं मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार, बूस्टर खुराक देने से संक्रमण कम घातक हो जाएगा।

अब तक 22.13 लाख लोगों को बूस्टर डोज लग चुकी है

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य की अनुमानित जनसंख्या 1.21 करोड़ आंकी गई है। जिसमें 12 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की जनसंख्या 89.35 लाख से अधिक है। जिन्हें कोविड वैक्सीन को लागू करने के लिए लक्ष्य बनाया गया था। राज्य में लक्ष्य के विरुद्ध 91.15 लाख लोगों को पहली खुराक और 87.23 लाख से अधिक लोगों को दूसरी खुराक दी गई है। प्रदेश में शत प्रतिशत हितग्राहियों को पहली डोज दी जा चुकी है।

जल्द ही 91 हजार कोविशील्ड टीके उपलब्ध होंगे

राज्य में बूस्टर डोज देने के लिए कोविशील्ड वैक्सीन का स्टॉक खत्म हो गया है। कोवाक्सिन के 30 हजार टीके हरियाणा से राज्य को उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा 40 हजार और डोज मिलने हैं। केंद्र सरकार की ओर से जल्द ही 91 हजार कोविशील्ड टीके उपलब्ध होंगे। वैक्सीन मिलने के बाद बूस्टर डोज अभियान में तेजी आएगी।

बूस्टर डोज में ऊधमसिंहनगर सबसे पीछे है
पात्र हितग्राहियों को बूस्टर डोज लगाने में जिला ऊधमसिंहनगर पिछड़ा है। जिले में लक्ष्य की 18 फीसदी तीसरी खुराक दी गई, जबकि उत्तरकाशी जिला 47 फीसदी बूस्टर खुराक के साथ पहले स्थान पर रहा। चमोली जिला 39.4 प्रतिशत के साथ दूसरे और टिहरी 33 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है।

विशेषज्ञ की राय

ऐसा नहीं है कि बूस्टर डोज देने से कोरोना का संक्रमण नहीं होगा, लेकिन वैक्सीन देने से संक्रमण कम घातक हो जाएगा। कोरोना की तीसरी लहर में यह देखा गया कि दूसरा या बूस्टर टीका लगाने वाले डॉक्टर भी संक्रमित हो गए, लेकिन संक्रमण का असर कम होते ही वे ठीक हो गए। जिन लोगों को अभी तक बूस्टर खुराक या दूसरी खुराक नहीं मिली है, उन्हें टीके की एक खुराक अवश्य लेनी चाहिए।

  • डॉ. एनएस बिष्ट, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल कोरोनेशन

राज्य में कोवॉक्सिन की कोई कमी नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से जल्द ही 91 हजार कोविशील्ड टीके उपलब्ध होंगे। राज्य में शत प्रतिशत लोगों को टीके की पहली और दूसरी खुराक दी जा चुकी है। बूस्टर डोज के लिए विशेष कैंप लगाया जा रहा है।

  • आर राजेश कुमार, सचिव स्वास्थ्य