पौड़ी/काशीपुर , PAHAAD NEWS TEAM
उत्तराखंड में आज राज्य की जनता ने नई सरकार के गठन के लिए मतदान किया. वहीं कई जगहों पर वर्षों से अधूरे विकास और उपेक्षा के चलते लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया. जहां काशीपुर की मानपुर नई बस्ती में 27 साल से मालिकाना हक की लड़ाई लड़ रहे 284 परिवारों ने चुनाव का बहिष्कार किया. 800 से ज्यादा लोगों ने वोट नहीं डाला. वहीं पौड़ी से भी चुनाव बहिष्कार की खबर सामने आई है.
दरअसल पौड़ी गढ़वाल के ग्राम धारा झिरना व कोठीरो के राजस्व ग्रामों की भूमि को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व द्वारा अधिग्रहित कर ग्रामीणों को काशीपुर की नई बस्ती मानपुर में उनकी कृषि भूमि के बदले कृषि भूमि आवंटित की गई थी. ये ग्रामीण पिछले 27 सालों से जमीन के मालिकाना हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वहीं, तहसील के दस्तावेजों में स्वामित्व न होने के कारण ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया.
पौड़ी जिले की चौबट्टाखाल विधानसभा और बीरोंखाल प्रखंड के सुंदरखाल में विभिन्न समस्याओं का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों ने मतदान नहीं किया. इस बूथ पर कुल 508 मतदाता हैं. ग्रामीणों की मांग है कि उनकी तहसील स्यूंसी बीरोंखाल से बदलकर चौबट्टाखाल और प्रखंड को भी बीरोंखाल से बदलकर पोखड़ा कर दिया जाए. परिसीमन की मांग को लेकर ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार किया।
बता दें कि रविवार को ग्रामीणों के अड़े रहने के बाद भी यहां की प्रशासन टीम ने मतदाताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आज मतदाता बूथ पर मतदान करने नहीं पहुंचे. चौबट्टाखाल आरओ संदीप कुमार ने बताया कि मतदाताओं को समझाया गया, लेकिन उन्होंने वोट नहीं दिया.

