हरिद्वार , PAHAAD NEWS TEAM

अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड के चुनावी दौरे पर नहीं आ पाए तो उनके पांच संसदीय क्षेत्रों में एक वर्चुअल रैली का आयोजन किया जाएगा. पार्टी के प्रदेश महासचिव कुलदीप कुमार ने बताया कि 7 फरवरी को मोदी के हरिद्वार संसदीय क्षेत्र की वर्चुअल रैली तय की गई है. पार्टी की ओर से संसदीय क्षेत्र की प्रत्येक विधानसभा में चार से पांच स्थानों पर वर्चुअल रैलियों का आयोजन किया जा रहा है. इन स्थानों पर एक-एक हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने बताया कि मोदी की आठ को नैनीताल, नौ को टिहरी, 10 को अल्मोड़ा और 11 को गढ़वाल संसदीय सीट की विधानसभाओं में वर्चुअल रैलियां करेंगे.

मोदी की रैलियों से उम्मीद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उत्तराखंड में फिजिकली रैलियां नहीं किए जाने से भाजपा प्रत्याशी तनाव में हैं. उन्हें उम्मीद है कि मोदी की रैलियों में काफी बदलाव आएगा.

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता से पहले हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून और हल्द्वानी में एक-एक रैलियों को संबोधित कर चुके हैं. तब चूंकि, पार्टी प्रत्याशियों का ऐलान नहीं हुआ था। अब जब प्रत्याशी घोषित हुए तो कोरोना संक्रमण बढ़ने पर निर्वाचन आयोग चुनावी रैलियों में एक हजार से ज्यादा भीड़ एकत्र करने पर पाबंदी लगा चुका है। ऐसे में उम्मीदवारों व अन्य नेताओं को छोटी-छोटी जनसभाएं और घर-घर जाकर जनसंपर्क करना पड़ता है.

मोदी हैं सबसे बड़े स्टार प्रचारक

पार्टी संगठन और प्रत्याशी भी उन्हें आगे बढ़ा रहे हैं और लोगों के बीच वोट मांग रहे हैं. ऐसे में अगर मोदी वर्चुअल रैलियों की जगह फिजिकल रैलियां करें तो इसका असर जनता पर ज्यादा पड़ सकता है. हालांकि भाजपा का दावा है कि उसके पास एक मजबूत संगठनात्मक नेटवर्क है और इस नेटवर्क के माध्यम से वह पार्टी के उम्मीदवारों के लिए बूथ स्तर तक पहुंचना आसान बना सकती है, लेकिन संगठन को इन कार्यकर्ताओं की भावना को बनाए रखना होगा। उधर, बीजेपी के उत्तराखंड चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी का कहना है कि राज्य में प्रधानमंत्री मोदी की कम से कम दो रैलियां करने का विचार है.