नैनीताल , PAHAAD NEWS TEAM

सरोवर शहर नैनीताल की पहाड़ियों में इन दिनों चौतरफा भूस्खलन हो रहा है. जिसका मुख्य कारण नैनीताल की पहाड़ियों पर दबाव बताया जा रहा है। वहीं पर्यावरणविद् अजय रावत ने कहा कि नैनीताल राजभवन रोड,बिरला रोड बेहद संवेदनशील है और इन पहाड़ियों की स्थिति ब्रिटिश शासकों को पहले से ही पता थी. जिसके कारण ब्रिटिश शासकों ने इस पहाड़ी पर बनी सड़क पर ही चलने की अनुमति दी और घुड़सवारों को चलने की अनुमति दी थी ।

अजय रावत ने आगे कहा कि अगर किसी अंग्रेज ने भी इन सड़कों पर गाड़ी ले जाने की कोशिश की होती तो उन्हें भी सजा दी जाती. जिससे नैनीताल की सभी पहाड़ियां काफी समय तक सुरक्षित रहीं। लेकिन अब इन पहाड़ियों का निर्माण तेजी से हो रहा है और वाहनों के दबाव से पहाड़ियां दिन-ब-दिन टूटती जा रही हैं। जिससे नैनीताल का अस्तित्व खतरे में है।

बदलते समय के साथ इस सड़क पर बड़े वाहन चलने लगे हैं, साथ ही क्षेत्र में अवैध निर्माण भी हो रहे हैं, जिससे रावभवन रोड, डीएसबी कॉलेज, रैम्जे क्षेत्र, बिरला रोड़ क्षेत्र की पहाड़ियां बेहद संवेदनशील हो गई हैं. जिससे आज पहाड़ी पर हर तरफ भूस्खलन की समस्या देखने को मिल रही है। अजय रावत बताते हैं कि जिस तरह से शहर के अंदर कमजोर पहाड़ियों पर वाहन दौड़ते हैं, उसी तरह की घटनाएं आने वाले समय में अन्य पहाड़ियों पर भी देखी जा सकती हैं।