हल्द्वानी , PAHAAD NEWS TEAM
कोरोना संक्रमण से बचाव के चलते अब नैनीताल शहर में घूमना संभव नहीं होगा. इसके लिए जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। नैनीताल में वही लोग पहुंच सकेंगे, जिनकी होटल में बुकिंग होगी। कोविड नियमों के तहत 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर जांच साथ होगी। इसके अलावा पोर्टल पर भी रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इन तीन चीजों के बिना पर्यटन शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
दरअसल, बीते दिनों कोरोना पाबंदियों में ढील के चलते लोगों का हिल स्टेशनों पर पहुंचना ज्यादा हो रहा है. भीड़ की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. वहीं तीसरी लहर को लेकर सरकार और कोर्ट कई बार चिंता जता चुके हैं. कोर्ट ने यहां तक कह दिया कि दी गई छूट को वापस लिया जाए। ऐसे में प्रशासन ने वीकेंड से ही सख्ती लागू करना शुरू कर दिया है.
डीएम धीराज गब्र्याल ने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार राज्य के पर्यटन स्थलों में पर्यटक कोविड नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं. इसी के चलते अब नैनीताल नगर में उन्हीं पर्यटकों को अनुमति दी जाएगी। जिनका देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण होगा । 72 घंटे से पहले कोरोना का RTPCR टेस्ट अनिवार्य रूप से लाना होगा। इसके साथ ही होटल की बुकिंग भी दिखानी होगी। डीएम ने कहा कि कोई भी पर्यटक जो इन साक्ष्यों को नहीं दिखाएगा उसे नैनीताल शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा. यह आदेश 9 जुलाई से 12 जुलाई सुबह 8 बजे तक प्रभावी रहेगा। इन नियमों का उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन नियमावली के तहत कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे में स्थानीय लोग भी नैनीताल नहीं जा सकेंगे.
यह स्पष्ट नहीं है कि डीएम के आदेश में स्थानीय लोगों को अनुमति दी गई है या नहीं। हालांकि डीएम के नए आदेश से साफ है कि आसपास के इलाकों जैसे हल्द्वानी, रामनगर आदि से भी कोई भी नैनीताल नहीं जा सकेगा.

