देहरादून , PAHAAD NEWS TEAM
रूस-यूक्रेन युद्ध के चार दिन बाद भी भारतीय छात्रों की पीड़ा कम नहीं हुई है. छात्रों को सुरक्षित लाने के लिए उत्तराखंड सरकार के प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हेल्पलाइन नंबर लगातार मदद के लिए संख्या बढा रहे हैं. इसके लिए भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से लगातार संपर्क किया जा रहा है. उत्तराखंड सरकार ने शनिवार शाम तक उत्तराखंड के 226 नागरिकों की सूची विदेश मंत्रालय को भेजी है. पहली सूची में 86 नागरिकों की सूचना थी, उसके बाद यह बढ़कर 154 और अब तक यह आंकड़ा 226 पहुंच गया है। उत्तराखंड यूक्रेन में फंसे देहरादून के 55, हरिद्वार के 41, टिहरी के 17, पौड़ी के 21, चमोली के 4, उत्तरकाशी के 7, रुद्रप्रयाग के 5, नैनीताल के 24, उधमसिंह नगर के 38, अल्मोड़ा के 1, चम्पावत के 5, पिथौरागढ़ के 3 और अन्य पांच नागरिक यूक्रेन में फंसे हैं.
उत्तराखंड के तीन छात्र आशुतोष पाल, अदनान व खुशी सिंह , जो यूक्रेन से लौटे है उनका स्वागत नई दिल्ली में उत्तराखंड के अतिरिक्त रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा ने किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के अभिभावक एवं राज्य के सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी मनोज जोशी एवं दीपक चमोली भी उपस्थित थे। उत्तराखंड सरकार यूक्रेन में रह रहे उत्तराखंड के सभी छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार के लगातार संपर्क में है।
यूक्रेन में फंसे काशीपुर के चार छात्रों समेत पांच लोगों के परिवार के लिए एक अच्छी खबर आई है. यूक्रेन में रहने वाले काशीपुर के भाई-बहन अलग-अलग जगहों से यात्रा करते हुए ल्विव पहुंचे हैं. अब वह एक साथ आगे की यात्रा करेंगे और रोमानिया सीमा पर पहुंचेंगे, जहां से वह भारतीय विमानों से स्वदेश लौटेंगे।
सुरक्षित घर पहुंची श्रीनगर की आकांक्षा : यूक्रेन से 240 भारतीय छात्र बीती देर रात सकुशल मुंबई पहुंच गए हैं. इन 240 छात्रों में श्रीनगर की आकांक्षा कुमारी भी शामिल हैं. आकांक्षा ने मुंबई पहुंचने के बाद भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया है. इससे पहले आकांक्षा कुमारी पिछले दिन सड़क मार्ग से यूक्रेन से रोमानिया के लिए रवाना हुई थीं। इन सभी छात्रों को सुरक्षित लाने के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय ने 240 छात्रों को 4 बसों के जरिए रोमानिया पहुंचाने का काम किया था.

