देहरादून , पहाड़ न्यूज टीम

चारधाम यात्रा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को पैदल यात्रा से बचने के लिए अक्सर घोड़े खच्चरों का सहारा लेना पड़ता है. लेकिन यात्रा में खासकर केदारनाथ क्षेत्र में कई घोड़े खच्चरों की मौत की खबर के बाद पशुपालन विभाग भी हरकत में आ गया है और क्षेत्र में निरीक्षण तेज कर जरूरी कदम उठाए हैं.

पशुपालन विभाग के सचिव डॉ. वी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने जानकारी देते हुए बताया कि केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर पशुओं की मौत को लेकर विभाग पूरी तरह से गंभीर है. उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग यात्रा मार्ग पर स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है. विभाग पशुओं को निरंतर चिकित्सा उपचार और उनके मालिकों को सुविधाएं प्रदान कर रहा है।

उन्होंने बताया कि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर अब तक 140 पशुओं की मौत हो चुकी है। विभाग द्वारा अब तक 6880 पशुओं का निरीक्षण किया जा चुका है। जिसमें 1804 पशुओं का चिकित्सा उपचार किया गया है, जबकि 118 पशुओं को यात्रा के लिए अनुपयुक्त पाया गया है। साथ ही 91 पशु मालिकों के चालान भी किए गए हैं। 411 पशुओं को भी यात्रा करने से रोक दिया गया है और 9 को प्राथमिकी भी दर्ज की गई है. साथ ही पानी की चारियों को लगातार साफ करने की व्यवस्था की जा रही है.

बता दें कि चारधाम यात्रा में घोड़े खच्चरों की मौत के मामले में पशु प्रेमी गौरी मौलेखी ने मौके पर जाकर सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जानवरों का हाल दिखाया था. इसके बाद उन्होंने जनहित याचिका दायर की। वहीं कोर्ट ने पूरे मामले में सरकार से जवाब मांगा है.