नैनीताल , PAHAAD NEWS TEAM
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद के नैनीताल स्थित घर पर कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा आगजनी और फायरिंग के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई . आरोपी भाजपा नेता कुंदन चिलवाल ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस आलोक कुमार वर्मा ने सरकार और खुर्शीद के वकीलों से आज इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है.
आपको बता दें कि पुलिस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद के नैनीताल स्थित सतखोड़ा प्यूड़ा में कुछ अज्ञात लोगों द्वारा आगजनी और फायरिंग के मामले में भाजपा नेता कुंदन चिलवाल को मुख्य आरोपी बनाया है. ऐसे में गिरफ्तारी से बचने के लिए कुंदन चिलवाल हाईकोर्ट पहुंचे हैं. कुंदन ने कोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए याचिका दायर की है.
वहीं, कोर्ट द्वारा सरकार से मांगे गए निर्देश में पुलिस ने कहा है कि इस मामले में कुंदन की कोई भूमिका नहीं है. इसका पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद के अधिवक्ताओं ने कड़ा विरोध किया और अदालत को बताया कि कुंदन मुख्य आरोपी है और उनके नेतृत्व में सभी लोग यहां आगजनी करने गए थे. ऐसे में कोर्ट ने सलमान खुर्शीद के वकीलों को शनिवार को अपना पक्ष रखने को कहा है.
क्यों हो रहा है हंगामा? दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने अपनी नई किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या: नेशनहुड इन आवर टाइम्स’ में हिंदुत्व पर टिप्पणी की है। किताब में हिंदुत्व की तुलना जिहादी समूह ISIS और बोको हराम से की गई है। खुर्शीद की किताब ‘द सैफ्रन स्काई’ के एक चैप्टर को लेकर बवाल मच गया है।

