उत्तरकाशी , PAHAAD NEWS TEAM

शांभवी खुल्बे का जन्म 18 अप्रैल 2004 को उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में हुआ था। अल्मोड़ा जिले के सीम ग्वेलखान गांव की रहने वाली शांभवी हैदराबाद में रहती हैं. बासोट की भिकियासैंण तहसील में सीम ग्वेलखान गांव आता है. शांभवी ने एलकेजी से 10वीं तक भारतीय विद्या भवन हैदराबाद से पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने जैन इंटरनेशनल स्कूल हैदराबाद से 11वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की।

नीट में 93वां स्थान : शांभवी खुल्बे ने नीट यूजी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया। शांभवी ने सामान्य वर्ग में 93वां स्थान हासिल कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। अखिल भारतीय रैंकिंग में भी उत्तराखंड की इस बेटी ने 127वां स्थान हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

15 लाख से अधिक छात्रों ने दी परीक्षा : इस साल 16 लाख 14 हजार 777 छात्रों ने NEET UG 2021 के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें से केवल 15 लाख 44 हजार 275 छात्र ही परीक्षा में शामिल हुए और कुल 8,70,074 छात्र पास हुए हैं। उत्तीर्ण छात्रों में 3 लाख 75 हजार 260 लड़के, 4 लाख 94 हजार 806 लड़कियां और आठ ट्रांसजेंडर छात्र शामिल हैं। नीट परीक्षा 13 भाषाओं में 3,858 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। यह परीक्षा 12 सितंबर को आयोजित की गई थी.

शांभवी को है किताबें पढ़ने का शौक: शांभवी खुल्बे को किताबें पढ़ने का बहुत शौक है. इसके साथ ही भविष्य के इस डॉक्टर को पेंटिंग का भी शौक है। शांभवी हमेशा कुछ नया करने की कोशिश में रहती हैं।

माता-पिता भी हैं डॉक्टर: शांभवी के माता-पिता भी डॉक्टर हैं। शांभवी के पिता डॉ. संजीव खुल्बे सीनियर कंसल्टेंट कार्डियक सर्जन हैं। उनका जन्म अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया में हुआ था। डॉ. संजीव खुल्बे ने केजीएमसी लखनऊ से एमबीबीएस किया। जयपुर से एमसीएच एसएमएस किया गया। डॉ खुल्बे वर्तमान में हैदराबाद के अपोलो अस्पताल में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

डॉ. संजीव और अपर्णा खुल्बे ने कोरोना काल में किया समाज सेवा का कार्य : डॉ. खुल्बे ने कोरोना काल में असंख्य मरीजों की नि:शुल्क सेवा की. खासकर उत्तराखंड के सुदूर इलाकों के ऐसे मरीज जो अस्पतालों तक नहीं पहुंच पा रहे थे, डॉ खुल्बे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनकी काफी मदद की. यहां तक कि गुजरात में रहने वाले उत्तराखंड मूल के लोगों को भी कोरोना के समय डॉक्टर खुल्बे ने अमूल्य इलाज दिया।

शांभवी की मां डॉक्टर अपर्णा खुल्बे भी हैदराबाद में कार्यरत हैं। डॉ अपर्णा सीनियर कंसल्टेंट मेडिसिन के पद पर हैं। वह पहाड़पानी नैनीताल की रहने वाली हैं। डॉ. अपर्णा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा झांसी, उत्तर प्रदेश से की। उन्होंने जीएसवीएम कानपुर, कानपुर से एमबीबीएस किया। केजीएमसी लखनऊ से एमडी मेडिसिन की पढ़ाई की।

अपने माता-पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए शांभवी खुल्बे भी एक बेहतरीन डॉक्टर बनना चाहती हैं। वह गरीब और असहाय लोगों के इलाज में बहुत मदद करना चाहती हैं। उनका मानना है कि जब देश के नागरिक स्वस्थ होंगे तभी देश तरक्की करेगा और विकसित देशों की कतार में खड़ा होगा।