देहरादून, , PAHAAD NEWS TEAM

उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर हरक सिंह रावत और उमेश शर्मा काऊ को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है. कांग्रेस नेता और विपक्ष के नेता प्रीतम सिंह ने मंगलवार को हरक सिंह रावत के आवास पर मुलाकात की। इस बैठक में उमेश शर्मा काऊ भी मौजूद रहे। हालांकि, हरक सिंह रावत ने इस बैठक में प्रीतम सिंह के क्षेत्र की समस्याओं के बारे में कुछ कहने का दावा किया। लेकिन उमेश शर्मा काऊ के बैठक में शामिल होने से अटकलों को बल मिला है.

दलबदल को लेकर चर्चा चल रही है

विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड की सियासत में नए समीकरण देखने को मिल रहे हैं. दलबदल को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जोरदार खींचतान चल रही है. यशपाल आर्य के कांग्रेस में जाने के बाद से पुराने कांग्रेसियों की वापसी को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। पूर्व सीएम हरीश रावत भी ऐसी संभावनाओं को देखते हुए सोशल मीडिया पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. इधर कांग्रेस नेता लगातार बीजेपी विधायकों के कांग्रेस में आने की संभावनाओं को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा हरक सिंह रावत और उमेश शर्मा काऊ की है। यशपाल आर्य के कांग्रेस में शामिल होने के बाद से उमेश शर्मा काऊ का प्रकरण सबसे ज्यादा चर्चा में है। लेकिन अब तक उमेश शर्मा काऊ की राजनीति हरक सिंह रावत के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है.

हरक और काऊ की जोड़ी कर सकती है कमाल

हरक सिंह रावत और उमेश शर्मा काऊ लगातार बीजेपी आलाकमान पर दबाव की राजनीति कर रहे हैं. अभी हाल ही में दोनों नेताओं की राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम से मुलाकात से पहले बीजेपी के अंदर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. हालांकि अब तक कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिलने के कारण एक बार फिर किसी तरह की सीक्रेट डील या कोई बड़ा इनाम मिलने की चर्चा तेज हो गई है। हरक सिंह रावत को भाजपा के चुनाव प्रचार की कमान और उमेश शर्मा को कैबिनेट में जगह देने की सियासी चर्चा तेज हो गई है. जिससे बीजेपी के अंदर सियासी पारा भी चढ़ गया है. लेकिन प्रीतम के दिल्ली दौरे पर भी उसी फ्लाइट से जाना और हरक सिंह के आवास पर मिलना एक के बाद एक राजनीति में जिस तरह का विकास हो रहा है. वह आने वाले समय में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल के संकेत दे रहे हैं।

लोहारी के ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर मंत्री से की बैठक : प्रीतम

उधर, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में जलविद्युत परियोजना से प्रभावित लोहारी गांव के लोगों की समस्याओं को लेकर ऊर्जा मंत्री डॉ हरक सिंह रावत से मुलाकात की है. उन्होंने ग्रामीणों के विस्थापन के लिए भूमि या पर्याप्त मुआवजे की मांग की। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी मिल चुके हैं और एक ज्ञापन भी सौंपा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.