देहरादून , PAHAAD NEWS TEAM
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 में कोविड संक्रमण की तीसरी लहर के तेजी से फैलने को देखते हुए चुनाव आयोग द्वारा भले ही कोविड प्रोटोकॉल के सख्त अनुपालन के नियम बनाए गए हैं, लेकिन नामांकन स्थलों में कोविड नियमों के पालन को लेकर ऐसा कुछ दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा है । सीधे शब्दों में कहें तो मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसकी बानगी नामांकन की अंतिम तिथि में देहरादून के कलेक्टर परिसर में बने नामांकन स्थलों में देखने को मिली.
सुबह से ही देहरादून के शहरी विधानसभा क्षेत्रों से एक के बाद एक नामांकन दाखिल करने के दौरान भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, उत्तराखंड क्रांति दल, बसपा और निर्दलीय उम्मीदवारों जैसे सभी दलों के कार्यकर्ताओं में भारी संख्या में कार्यकर्ता नजर आए. ताकत दिखाने के लिए अधिकांश प्रत्याशी कोविड प्रोटोकॉल को दरकिनार कर नामांकन दाखिल करने पहुंचे। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस और चुनाव आयोग की टीमें न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराती दिखीं और न ही मास्क पहनने के नियम को जमीन पर सुनिश्चित कराते नजर आईं.
जबकि चुनाव आयोग ने दावा किया कि तीसरी लहर के रूप में तेजी से फैल रही इस महामारी में न तो पिछले चुनाव की भांति नामांकन स्थल में कोई भीड़ जुटेगी और न ही कोई सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क जैसे नियम कोई तोड़ पाएगा . लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ नजर नहीं आता। पहाड़ न्यूज के कैमरे में कैद तस्वीरें बता रही हैं कि कैसे कोविड प्रोटोकॉल के नियमों की धज्जियां उड़ाकर महामारी की दावत दी जा रही है।
नामांकन स्थलों पर भीड़ : राजपुर, रायपुर, धर्मपुर, कैंट व मसूरी विधानसभा चुनाव के लिए देहरादून के कलेक्ट्रेट परिसर में नामांकन बूथ बनाए गए हैं. कोविड नियमों के अनुसार इस बार नामांकन के समय 10 व्यक्तियों के स्थान पर एक उम्मीदवार सहित केवल दो लोग ही फॉर्म भरने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर के पास जा सकते हैं। उल्टे जिस तरह से उम्मीदवारों के साथ आने वाली भीड़ पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई थी, वह दूर-दूर तक कहीं नजर नहीं आया. ऐसे में लगातार खतरा बना हुआ है कि जिस तरह से उत्तराखंड और खासकर देहरादून में कोरोना वायरस के मामले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं. वह इन तस्वीरों को देखकर इतनी जल्दी थमने वाले नहीं हैं.

