देहरादून , PAHAAD NEWS TEAM

मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने सचिवालय में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने के लिए गठित स्पेशल टास्क फोर्स को लेकर बैठक की. बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि जहां एक तरफ प्लास्टिक का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, वहीं दूसरी तरफ पर्यटन राज्य में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाना बेहद जरूरी हो गया है. उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए। इसके लिए उन्होंने आम जनता में जागरूकता फैलाने के साथ ही कुछ खास कदम उठाने की बात भी कही.

मुख्य सचिव ने अपने-अपने कार्यालयों से प्लास्टिक बैन शुरू करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसकी शुरुआत सबसे पहले सचिवालय से ही की जाए. सभी जिलाधिकारियों को भी अपने-अपने कार्यालयों में इसे लागू करना चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए केंद्र और राज्य द्वारा लागू की गई नीतियों का शत-प्रतिशत अनुपालन सभी जिलाधिकारियों को सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि प्लास्टिक बैन की जानकारी लघु वीडियो क्लिप के माध्यम से दी जानी चाहिए। इसके साथ ही वेबसाइट और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापारियों और आम जनता को फोटो और वीडियो के माध्यम से प्रतिबंध और अधिक हानिकारक प्लास्टिक की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके दुष्परिणामों को भी फोटो-वीडियो के माध्यम से दिखाया जाना चाहिए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए प्लास्टिक के विकल्प को बढ़ावा देने के साथ ही प्लास्टिक के कारोबार को हतोत्साहित करने के लिए नीतियों में बदलाव करने की जरूरत है. उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से अपने-अपने जिलों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने का आग्रह किया.

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को सड़क के दोनों ओर वर्षों से जमा प्लास्टिक को हटाने के निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि पर्यटन राज्य में वर्षों से सड़कों के दोनों ओर जमा हुआ प्लास्टिक, खासकर ऐसी सड़कें, जिनमें दोनों तरफ खूबसूरत जंगल हों, पर्यटकों के मन पर बहुत बुरा प्रभाव छोड़ती हैं। उन्होंने अगले 10-15 दिनों में सड़कों के दोनों ओर जमा प्लास्टिक को साफ करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन एवं सचिव दिलीप जावलकर सहित संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित थे.