देहरादून, PAHAAD NEWS TEAM

उत्तराखंड में जिला सहकारी बैंकों में नियुक्ति के दौरान गड़बड़ी के मामले में कुछ जिलों से अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है. इतना ही नहीं कुछ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। हालांकि माना जा रहा है कि जांच को प्रभावित न करने के इरादे से ऐसा किया गया है।

जिला सहकारी बैंकों में सहायक रजिस्ट्रार के पद के अधिकारियों को स्थानांतरण के माध्यम से अन्य जिलों में तैनात किया गया है। इसके अलावा जांच पूरी होने से पहले ही जीएम स्तर के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है. आपको बता दें कि 2020 में प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियुक्ति के संबंध में 3 जिलों के जिला सहकारी बैंकों की जांच के आदेश दिए गए हैं.

फिलहाल देहरादून जिले में पिछले 3 दिनों से जांच अधिकारी जांच कर रहे हैं। उधर, जिला सहकारी बैंक की जांच के लिए जांच दल के ऊधमसिंह नगर जाने की भी खबर है. बड़ी बात यह है कि जांच प्रक्रिया के दौरान ही 4 जिलों में उप पंजीयकों का तबादला कर दिया गया है. इतना ही नहीं कुछ बैंकों के जीएम को भी मुख्यालय में अटैच किया गया है। खास बात यह है कि देहरादून जिला सहकारी बैंक की वंदना श्रीवास्तव का सेवा विस्तार समाप्त कर दिया गया है और उन्हें हटा दिया गया है.

बताया गया है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई है ताकि जांच प्रक्रिया में कोई भी जांच को प्रभावित न कर सके. अब तक तबादलों में सहायक रजिस्ट्रार हरिद्वार राजेश चौहान को देहरादून भेजा गया है। इसके अलावा सुरेंद्र पाल को पिथौरागढ़ से हरिद्वार भेजा गया है। अल्मोड़ा में तैनात हरिश्चंद्र को चंपावत की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं पिथौरागढ़ की जिम्मेदारी चंपावत के मनोहर सिंह संभालेंगे। इसके अलावा इन 3 जिलों पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और ऊधम सिंह नगर के जीएम को मुख्यालय में अटैच किया गया है.