देहरादून, PAHAAD NEWS TEAM

उत्तराखंड की सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए सोमवार को हुए चुनाव में 65 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जहां ईवीएम में 632 उम्मीदवारों के भाग्य को सील कर दिया गया था।

सौजन्या, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड ने कहा कि राज्य के सभी 11697 मतदान केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा और 65.1 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. हालांकि, उन्होंने कहा कि इस मतदान प्रतिशत के आंकड़ों को अंतिम मिलान के बाद संशोधित किया जा सकता है।

सौजन्या ने कहा कि कुछ जगहों पर ईवीएम मशीनों और वीवीपीएटी में तकनीकी खराबी की सूचना मिली थी, लेकिन सेक्टर मजिस्ट्रेट ने उन्हें तुरंत रिजर्व मशीनों से बदल दिया।

सभी 13 जिलों में सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ और शाम छह बजे मतदान समाप्त होने तक मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लगी रहीं. सौजन्या ने बताया कि शाम छह बजे तक मतदान केंद्रों पर पहुंचे मतदाताओं का मतदान हुआ.

वर्ष 2017 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में 65.56 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जबकि वर्ष 2012 में 67.22 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था.

कई मतदान केंद्रों पर 100 साल के बुजुर्ग भी वोट डालने पहुंचे। 100 वर्षीय नारायण सिंह कपकोटी बागेश्वर जिले के कपकोट विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचे। जिला प्रशासन ने उन्हें शॉल भेंट कर सम्मानित किया। वहीं 100 वर्षीय विश्वेशरी देवी भी अपने नाती-पोतों के साथ कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर छड़ी लेकर पहुंची और वोट डाला. इसके अलावा गर्भवती महिलाएं व दिव्यांगजन डोली में बैठकर मतदान करने पहुंचे।

वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों से मिली जानकारी के अनुसार करीब 10 गांवों के मतदाताओं ने अपनी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए मतदान का बहिष्कार किया.