श्रीनगर , PAHAAD NEWS TEAM

पौड़ी के श्रीनगर उप कोषागार में गबन का आरोपित लेखाकार चौथे दिन भी पुलिस से दूर रहा. पुलिस ने आरोपी के घर पर भी छापेमारी की, लेकिन सफलता नहीं मिली। आरोपी का मोबाइल भी स्विच ऑफ है। गुरुवार को मुख्य कोषाध्यक्ष ने उप कोषागार में पहुंचकर मामले से जुड़े तथ्य जुटाए. आरोपी सात जनवरी से फरार है।

उप कोषाधिकारी नंदन सिंह खत्री ने 10 जनवरी को कोतवाली में लेखाकार सुभाष चंद्र के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उप कोषागार के दो कर्मचारियों पर 38.50 लाख रुपये के गबन का आरोप है. 2016 से 2019 के बीच दोनों आरोपियों ने 75 मृत लोगों को जिंदा दिखाकर उन्हें मिलने वाली पेंशन राशि उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी थी. इसमें एक आरोपी सहायक लेखाकार हरि दर्शन बिष्ट की एक साल पहले मौत हो चुकी है, जबकि दूसरा आरोपी लेखाकार सुभाष चंद्र सात जनवरी से कार्यालय नहीं आया है.

इस पूरे मामले में डीएम की ओर से कमेटी का गठन भी किया गया है. गुरुवार को कमेटी के सदस्य जगदीश चंद्रा ने उप कोषागार पहुंचकर उप कोषाधिकारी से गबन की जानकारी ली. साथ ही पेंशन संबंधी रिकॉर्ड भी तलब किया। वहीं मामले की जांच कर रहे एसएसआई रणवीर रमोला ने बताया कि आरोपी सुभाष को पकड़ने के लिए घर समेत अन्य जगहों पर भी छापेमारी की गई, लेकिन वह नहीं मिला. उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ है, जिससे लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि सुभाष ने गबन की राशि अपने दो बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी है. एक बैंक खाते में 16 लाख 42 हजार 295 रुपए और दूसरे खाते में 92 हजार 129 रुपए ट्रांसफर किए गए हैं।