मसूरी, PAHAAD NEWS TEAM

साल 2021 की विदाई और नए साल 2022 के जश्न में पहाड़ों की रानी मसूरी डूबी रही . हालांकि, रात के कर्फ्यू के कारण युवा इस बार 11 बजे के बाद शहर के चौराहों पर सार्वजनिक रूप से जश्न नहीं मना सके. कोविड गाइडलाइंस का पालन करते हुए पर्यटकों ने होटलों में ही नए साल का जश्न मनाया। मसूरी-देहरादून मार्ग पर कुठालगेट पर पुलिस की सख्ती से होटल व्यवसाय प्रभावित हुआ है, जिससे होटल व्यवसायी पुलिस के इस कदम से नाराज हैं.

मसूरी में नए साल का जश्न मनाने पहुंचे पर्यटक शाम को बाजारों और मॉल रोड पर निकल पड़े, जिससे दिन के बाद बाजारों में रौनक छा गई. शुक्रवार की सुबह से शाम करीब चार बजे तक मसूरी आने वाला यातायात सामान्य दिनों से कम रहा और इस दौरान शहर में कहीं भी जाम नहीं लगा. हालांकि, प्रमुख चौराहों और मोड़ों पर पुलिस तैनात रही। शाम होते-होते बाजारों में सैलानियों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे लाइब्रेरी बाजार, कुलड़ी बाजार व मालरोड की शोभा दुगनी हो गई।

रात 10.30 बजे पर्यटकों ने अपने होटलों का रुख करना शुरू कर दिया और रात 11 बजे तक बाजार खाली हो गए। धनोल्टी, बुरांशखंडा, गनहिल, चारदुकान-लालटिब्बा, कैम्पटी फाल, भट्टा फाल, कंपनी गार्डन, जार्ज एवरेस्ट आदि पर्यटन स्थल दिन भर पर्यटकों से गुलजार रहे।

पुलिस ने दोपहिया वाहनों पर मसूरी आने वाले युवाओं को कुठालगेट पर रोक दिया और उन्हें मसूरी नहीं आने दिया. कुठालगेट पर पुलिस ने केवल उन्हीं पर्यटक वाहनों को मसूरी में प्रवेश की अनुमति दी, जो पहले से ही मसूरी के होटलों में बुक थे। दूसरों को मसूरी आने की अनुमति नहीं थी और उन्हें कुठालगेट से ही वापस कर दिया गया था। जिससे होटलों में करीब 20 फीसदी कमरे खाली रह गए। मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि कुछ होटलों को छोड़कर 80 फीसदी तक आक्युपेंशी और 20 फीसदी कमरे खाली रहे.