देहरादून, PAHAAD NEWS TEAM
उत्तराखंड में चुनाव प्रचार जारी है. आचार संहिता लागू होने के कारण धरना और प्रदर्शन पर भी रोक है। ऐसे में कई कर्मचारी संगठन भी अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर डिजिटल माध्यम से आवाज उठा रहे हैं. राज्य के हजारों कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा ट्विटर के जरिए उठाने का ऐलान किया है.
नई पेंशन योजना के दायरे में आए देशभर के लाखों कर्मचारी राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ अभियान चलाएंगे. 1 फरवरी को ट्विटर पर पोस्टर के जरिए पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग उठाई जाएगी। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत ने कहा कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव को देखते हुए पुरानी पेंशन की बहाली का मुद्दा सबसे अहम मुद्दा है. सभी कर्मियों को इंटरनेट मीडिया पर अपनी गतिविधि बढ़ाने को कहा गया है.
फेसबुक, ट्विटर पर विशेष रूप से भाग लेकर आंदोलन को गति दी जाएगी। कहा कि मोर्चा मजबूत करने के लिए सभी प्रदेश प्रभारी, अध्यक्ष, महासचिव से आग्रह किया गया है कि अपने-अपने राज्यों में पुरानी पेंशन की बहाली के लिए निरंतर कार्यक्रमों पर जोर दें. बताया कि पुरानी पेंशन जागरूकता अभियान 1 फरवरी को चलाया जा रहा है. इसमें पोस्टर के माध्यम से ट्विटर पर पुरानी पेंशन बहाल करने की आवाज बुलंद की जाएगी.
हालांकि देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान सभी राज्यों में पुरानी पेंशन की मांग उठाई जाएगी. इसलिए फेसबुक, ट्विटर समेत अन्य इंटरनेट मीडिया के जरिए लगातार मांग उठाई जाएगी। कर्मचारियों का कहना है कि देश के 40 लाख से ज्यादा कर्मचारी लगातार पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग कर रहे हैं. ऐसे में अगर कोई राजनीतिक दल या नेता उनके मुद्दे को अपने एजेंडे में शामिल करते हैं तो उसी के आधार पर वोटिंग की जाएगी.

