देहरादून, PAHAAD NEWS TEAM
उत्तराखंड में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी समय, कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच, राज्य के सभी सरकारी और गैर-सरकारी अस्पतालों में रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए सरकार सख्त होती दिखाई दे रही है। जिसके तहत राज्य के ड्रग कंट्रोलर द्वारा यह निर्देशित किया गया है कि अब मरीज को आधार कार्ड और इलाज का फॉर्म दिखाने के बाद ही रेमडेसिविर इंजेक्शन अस्पताल को दिया जाएगा।
शुक्रवार को, राज्य को लगभग 3,500 रेमडेसिविर इंजेक्शन मिले थे। जिसे राज्य के सभी जिलों में सरकारी और गैर-सरकारी अस्पतालों में सीधे वितरित किया गया है। इसके साथ ही रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार कई निजी कंपनियों से भी बात कर रही है।
गौरतलब है कि राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शनिवार को, राज्य भर में 5000 से अधिक लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। ऐसी स्थिति में रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग भी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
उत्तराखंड: अपार्टमेंट में एक महिला की मृत्यु , महिला के कोरोना संदिग्ध होने के संदेह पर बहुत भ्रम था।
हरिद्वार, PAHAAD NEWS TEAM
पंचवटी अपार्टमेंट में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। लेकिन महिला के कोरोना संदिग्ध होने के संदेह पर बहुत भ्रम था। अंत में सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने कमरे का दरवाजा तोड़ा और महिला का शव बाहर निकाला। जिसके बाद पुलिस टीम ने आगे की कार्रवाई की।

उत्तराखंड: अपार्टमेंट में एक महिला की मृत्यु , महिला के कोरोना संदिग्ध होने के संदेह पर बहुत भ्रम था।
महिला के कोरोना संदिग्ध समझते हुए मेडिकल टीम को बुलाया गया। चार घंटे के इंतजार के बाद भी मेडिकल टीम नहीं पहुंची। जिसके बाद चौकी प्रभारी एसआई संजीत कंडारी और उनकी टीम ने पीपीई किट पहनकर उक्त महिला के शव को फ्लैट से बाहर निकाला और अस्पताल भेजा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मायापुर चौकी प्रभारी संजीत कंडारी का कहना है कि उनका काम लोगों की मदद करना है। साथ ही लोगों ने उनके काम की काफी सराहना की।

