बेरीनाग , PAHAAD NEWS TEAM

लोगों की जान के प्रति जिम्मेदार विभाग कितने संवेदनहीन हो गए हैं. इसकी बानगी पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जिलों की सीमा पर स्थित सेराघाट में देखने को मिल रही है. जहां पांच दिन पहले नियोलियासेरा में नदी में ट्राली की रस्सी टूटने से ट्राली बंद पड़ी है. यहां लोग जान हथेली पर रखकर नदी पार कर रहे हैं।

यहां से क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग और स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं. यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसा पिछले कई दिनों से लगातार हो रहा है, बारिश के बाद नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है. जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ गई है, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदार विभाग इस पर आंख मूंद कर बैठा है। इसकी बानगी पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जिलों की सीमा पर स्थित सेराघाट में देखने को मिल रही है. जहां पांच दिन पहले नियोलियासेरा में नदी में ट्राली की रस्सी टूटने से ट्राली बंद पड़ी है.

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि लोक निर्माण विभाग बेरीनाग को ट्रॉली की रस्सी टूटने और सड़क बंद होने की सूचना देने के बाद भी रस्सी नहीं बदली गई है. अगर ट्रॉली को समय पर नहीं लगाया गया तो यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।