देहरादून , PAHAAD NEWS TEAM

देहरादून नगर निगम में स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 के लिए कुल जनसंख्या के केवल तीन प्रतिशत ने स्वच्छता व्यवस्था के बारे में प्रतिक्रिया दी . पिछले साल के मुकाबले इस बार 94 फीसदी कम लोगों ने फीडबैक दिया है. फीडबैक देने में जहां देहरादून पिछले साल पहले नंबर पर था, वहीं इस बार तीसरे नंबर पर पहुंच गया है।

यह स्थिति तब है जब स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान नगर निगम की टीमों ने वार्डों में जाकर नागरिकों का फीडबैक लिया और खुद लोगों से अपील की और यह भी बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण में फीडबैक कैसे देना है. लेकिन ज्यादातर लोगों ने ओटीपी की जानकारी शेयर करने से मना कर दिया. हालांकि इसका एक बड़ा कारण यह भी बताया जा रहा है कि जब से नागरिकों का फीडबैक लिया जा रहा है तब से साइट भी करीब 20 से 25 दिनों के लिए बंद है, जिससे नागरिकों का फीडबैक कम हुआ है. हालांकि नगर निगम की टीम लगातार सफाई सर्वे में बेहतर रैंक पाने के लिए प्रयासरत है. एक ही सेंटर से दो टीमों ने शहर का सर्वे भी किया है।

उत्तराखंड के सबसे बड़े नगर निगम देहरादून में फीडबैक देने वालों की संख्या महज 18,678 पहुंच गई है, जिसमें 18 साल से ज्यादा उम्र के लोग फीडबैक दे सके। 2018 के निकाय चुनाव में देहरादून में 06 लाख 28 हजार मतदाता थे। इस हिसाब से यह आंकड़ा महज 2.97 फीसदी है। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में नागरिकों का फीडबैक नहीं आने का सबसे बड़ा कारण ओटीपी उत्पन्न नहीं होने की समस्या रही है।
सिटीजन फीडबैक का आंकड़ा

नगर निगम 2022 का फीडबैक 2021 का फीडबैक

हरिद्वार 25,268 45,389
काशीपुर 24,810 39,707
देहरादून 18,678 3,20,876
रुड़की 15039 1,25,029
हल्द्वानी 11,124 59,988
रुद्रपुर 10,188 63,096

मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी अविनाश खन्ना ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में नागरिकों की प्रतिक्रिया नहीं होने के दो कारण हैं. पहला कारण यह है कि जब पोर्टल खुला था तो पोर्टल को शुरू से ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पोर्टल में ओटीपी जनरेट करने में समस्या आ रही थी, जिससे नागरिकों के पास ओटीपी नहीं आ रहा था और आने में भी समय लग रहा था. इस कारण नागरिक अपनी प्रतिक्रिया नहीं दे पाए। दूसरा सबसे बड़ा कारण यह था कि फीडबैक के समय एक या दो सप्ताह से अधिक समय से सर्वर डाउन होने के कारण पोर्टल कभी नहीं चल पा रहा था।

हालांकि इस बार फीडबैक पिछली बार के मुकाबले कम है, लेकिन जो फीडबैक आए हैं वह काफी अच्छे हैं। वरिष्ठ नागरिकों से जो फीडबैक मिला है, उनकी रैंकिंग काफी अच्छी है। साथ ही ओडीएफ की टीम देहरादून पहुंच गई है और उन्होंने सर्वे कर लिया है। इसके अलावा जीएफसी की टीम भी पहुंच गई है, जिसने अपना सर्वे पूरा कर लिया है। उम्मीद है कि इस बार देहरादून नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंकिंग हासिल करेगा।