उत्तरकाशी : आज सुबह 11:55 बजे चीन सीमा से सटे उत्तरकाशी जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.7 मापी गई। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी में 10 किलोमीटर की गहराई में था और किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है.

भूकंप के प्रति संवेदनशील है राज्य : उत्तराखंड जोन पांच और संवेदनशील जोन चार में भूकंप की चपेट में है। ऐसे में हिमालयी राज्यों में से एक उत्तराखंड को भूकंप के लिहाज से काफी एहतियात बरतने की जरूरत है। प्रदेश के सबसे संवेदनशील जोन पांच की बात करें तो इसमें रुद्रप्रयाग (अधिकांश भाग), बागेश्वर, पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी जिले शामिल हैं. जबकि, उधमसिंहनगर, नैनीताल, चंपावत, हरिद्वार, पौड़ी और अल्मोड़ा जोन चार में हैं और देहरादून और टिहरी दोनों जोन में आते हैं.

2017 के बाद उत्तराखंड में नहीं आया मध्यम भूकंप: 2017 के बाद उत्तराखंड में कोई बड़ा भूकंप नहीं आया है। हालांकि, इन 4 वर्षों के भीतर हजारों सालो भूकंप आए हैं जिनकी तीव्रता 1.5 से कम रही है। इस वजह से ये भूकंप महसूस नहीं होते हैं। इतना ही नहीं, इन 4 वर्षों के भीतर कई मध्यम भूकंप भी आए हैं, वर्ष 1991 में उत्तरकाशी में 6.5, वर्ष 1999 में चमोली में 6.0 और साथ ही वर्ष 2017 में रुद्रप्रयाग में लगभग 6.0 तीव्रता के भूकंप आए थे। ये मॉडरेट अर्थक्वेक थे और सैलो डेप्थ से आए थे।

मसूरी : लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद को उनके योगदान के लिए याद किया गया