उत्तरकाशी , पहाड़ न्यूज टीम

गोविंद वन्यजीव विहार राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के हर की दून पर्यटन स्थल और ओसला गांव को जोड़ने के लिए बनी आरसीसी पुलिया दो माह के भीतर ढह गई. इससे पार्क क्षेत्र के चारों गांव एक बार फिर अलग-थलग पड़ गए। आरसीसी की फुट पुलिया गिरने की सूचना मिलते ही पार्क के उप निदेशक डीबी बालोनी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मामला मोरी प्रखंड के गोविंद वन्यजीव विहार पार्क इलाके का है. इधर, पार्क प्रशासन की ओर से बड़ासू पट्टी के चार गांवों डाटमीर, गंगाड, पंवाणी, ओसला समेत पर्यटन स्थल हर की दून को जाने के लिए शियागाड़ पर आरसीसी की पैदल पुलिया का निर्माण कराया था. विभाग ने पुलिया निर्माण पर 32 लाख रुपये खर्च किए हैं। लेकिन काम की खराब गुणवत्ता और पार्क प्रशासन के अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह पुलिया दो महीने भी नहीं चल सकी और शनिवार को हुई बारिश के कारण ढह गई. जिससे पार्क क्षेत्र के चार गांवों के ग्रामीणों समेत हर की दून जाने वाले पर्यटकों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई.

स्थानीय ग्रामीणों ने पार्क प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। गोविंद वन्यजीव विहार राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के उप निदेशक डीबी बालोनी ने बताया कि पुलिया की कुल लागत 32 लाख रुपये है. पहली किश्त के रूप में 16.55 लाख का भुगतान किया जा चुका है। पुलिया की जांच के लिए एक रेंज अधिकारी को नियुक्त किया गया है। उप निदेशक ने बताया कि पुल में तकनीकी खराबी हो सकती है. जांच के बाद ही पता चलेगा कि क्या कमी थी। ग्रामीणों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।