देहरादून , PAHAAD NEWS TEAM

चीन लगातार ताइवान पर हमले की कोशिश कर रहा है। दो लड़ाकू विमानों के साथ-साथ दो बमवर्षक जहाजों ने शनिवार को ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (एडीआईजेड) में प्रवेश किया। ताइवान न्यूज की एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है। देश के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने कहा कि शेनयांग जे-11 और शेनयांग जे-16 लड़ाकू जेट के साथ-साथ दो शीआन एच-6 बमवर्षक ताइवान के एडीआईजेड में प्रवेश कर गए थे।

चीन के इस प्रयास को ताइवान की वायु सेना और वायु रक्षा संगठन को खत्म करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. इसके साथ ही संभावना यह भी है कि ड्रैगन का यह प्रयास ताइवान द्वारा मिसाइल परीक्षण की जानकारी हासिल करने का प्रयास भी हो सकता है।

शुक्रवार को चीन का शेडोंग विमानवाहक पोत भी ताइवान जलडमरूमध्य से होकर रवाना हुआ, हालांकि बीजिंग ने इस यात्रा को नियमित अभ्यास बताया।

इस बीच, दो शेनयांग J-11 लड़ाकू जेट और एक हार्बिन Z-9 पनडुब्बी रोधी हेलीकॉप्टर शुक्रवार को ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश कर गए। राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ताइवानी वायु सेना के जेट विमानों ने एक रेडियो अलर्ट जारी कर चीनी विमानों को तुरंत लौटने के लिए कहा। सेना ने यह भी कहा कि उसने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी वायु सेना के जेट और हेलीकॉप्टरों की गतिविधियों की निगरानी के लिए वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली तैनात की है।

बीजिंग ताइवान पर पूर्ण संप्रभुता का दावा करता है। आपको बता दें कि चीन के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित ताइवान की आबादी करीब 2.4 करोड़ है। दोनों पक्षों ने सात दशकों से अधिक समय से अलग-अलग शासन किया है।

ताइपे ने अमेरिका सहित लोकतंत्रों के साथ रणनीतिक संबंध बढ़ाकर चीनी आक्रामकता का मुकाबला किया है, जिसका बीजिंग द्वारा बार-बार विरोध किया गया है। चीन ने धमकी दी है कि “ताइवान की आजादी” का मतलब युद्ध है।