देहरादून। डिजिटल स्वतंत्र पत्रकार एसोसिएशन उत्तराखंड की अहम बैठक उत्तरांचल प्रेस क्लब के पास स्थित उज्ज्वल रेस्टोरेंट में आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे डिजिटल पत्रकारों ने भाग लिया।
बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा डिजिटल मीडिया के लिए स्पष्ट सरकारी नीति का अभाव रहा। पत्रकारों ने कहा कि वर्तमान समय में खबरें सबसे पहले सोशल मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचती हैं। डिजिटल पत्रकार जोखिम उठाकर ग्राउंड जीरो से रिपोर्टिंग करते हैं, लेकिन नीति न होने के कारण उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। साथ ही, न्यूज पोर्टल से जुड़े पत्रकारों ने बताया कि पोर्टल टेंडर प्रक्रिया को एक साल से अधिक समय हो चुका है, फिर भी विभागीय स्तर पर देरी समझ से परे है, जिस पर गंभीरता से विचार जरूरी है।
पत्रकारों का कहना था कि प्रदेश में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए नियमावली मौजूद है, लेकिन सबसे ज्यादा दर्शकों तक पहुंच रखने वाले डिजिटल मीडिया के लिए अब तक कोई ठोस पॉलिसी नहीं बनाई गई है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस मुद्दे को लेकर जल्द ही सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी से मुलाकात कर डिजिटल पॉलिसी को शीघ्र लागू करने की मांग की जाएगी।
संगठन के विस्तार को लेकर भी चर्चा हुई। अध्यक्ष राजेश ‘पोल खोल’ बहुगुणा ने बताया कि जल्द ही सभी जिलों में जिला सूचना अधिकारी, एसपी और जिलाधिकारियों को संगठन के सदस्यों की सूची भेजी जाएगी। साथ ही, विकासनगर की जिम्मेदारी युवराज राठौर और ऋषिकेश की जिम्मेदारी अंकित गैरोला को सौंपी गई है।
इसके अलावा 30 मई, हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर देहरादून में भव्य सम्मान समारोह आयोजित करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिस पर सभी सदस्यों ने सहमति जताई।
बैठक में प्रदेश में बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए पत्रकारों ने कहा कि प्रदेश हित से जुड़ी खबरों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, सभी सदस्यों से पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने की अपील की गई। बैठक में ऋषिकेश, विकासनगर, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और मसूरी सहित कई क्षेत्रों के डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े पत्रकार मौजूद रहे।

