नैनबाग :
टिहरी जिले के विकासखंड जौनपुर के जिला पंचायत वार्ड -15 विष्टोसी का निर्वाचन रद्द और दुबारे से होंगे इलेक्शन, मयूर दीक्षित डीएम टिहरी ने आदेश जारी किये और पंचायती राज को चिट्टी लिखकर निर्वाचन रद्द और दुबारे से इलेक्शन करवाने के बाबत सुचित किया।
क्या है आदेश में

निदेशालय पंचायतीराज, उत्तराखण्ड देहरादून के पत्रांक 817 / पं0-3 / निर्वा0 / 2023-24, दिनांक 01.07. 2023, जो कि सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तराखण्ड निर्वाचन भवन, लाडपुर, रिंग रोड, देहरादून को सम्बोधित है, में उल्लिखित है कि वार्ड संख्या-15, बिष्ठौंसी सदस्य जिला पंचायत, विकासखण्ड जौनपुर, टिहरी गढ़वाल के पद हेतु श्री देवेन्द्र सिंह पंवार का नामांकन पर दिनांक 27.09.2019 को निरस्त कर श्री अमेन्द्र बिष्ट  का निर्विरोध निर्वाचित किये जाने सम्बन्धी सहायक रिटर्निंग ऑफिसर के आदेश के विरूद्ध श्री देवेन्द्र सिंह पंवार, निवासी ग्राम बाण्डासारी, पो० पन्तवाडी, नैनबाग, विकासखण्ड जौनपुर, टिहरी गढ़वाल द्वारा मा० जिला न्यायालय में चुनाव याचिका संख्या – 02 /2000 देवेन्द्र सिंह पंवार वनाग उत्तराखण्ड सरकार व अन्य योजित की गयी।

इसी क्रम में मा० जिला न्यायाधीश, टिहरी गढ़वाल के आदेश दिनांक 08.12.2022 द्वारा दिनांक 27.09.2019 को वार्ड संख्या-15, बिष्ठाँसी सदस्य जिला पंचायत विकासखण्ड जौनपुर, टिहरी गढ़वाल के याची (श्री देवेन्द्र सिंह पंवार) के नाम निर्देशन पत्र को अस्वीकृत किये जाने का रिटर्निंग ऑफिसर का आदेश निरस्त किया गया, तथा उक्त वार्ड संख्या- 15 बिष्ठाँसी, सदस्य जिला पंचायत विकासखण्ड जौनपुर, टिहरी गढ़वाल के सदस्य पद पर श्री अमेन्द्र बिष्ट  के निर्विरोध निर्वाचित होने के आदेश को निरस्त किया गया है। साथ ही वार्ड संख्या- 15, विष्ठाँसी सदस्य जिला पंचायत, विकासखण्ड जौनपुर, टिहरी गढ़वाल का पद रिक्त घोषित कर विधि अनुसार पुनः निर्वाचन कराये जाने का आदेश पारित किया गया है। श्री अमेन्द्र बिष्ट वार्ड संख्या-15, बिष्ठाँसी सदस्य जिला पंचायत, विकासखण्ड जौनपुर, टिहरी गढ़वाल के निर्विरोध निर्वाचन के आदेश को निरस्त किये जाने के मा० जिला न्यायाधीश के आदेश दिनांक 08.12.2022 की तिथि से श्री अमेन्द्र बिष्ट वार्ड संख्या-15, बिष्ठाँसी सदस्य जिला पंचायत, विकासखण्ड जौनपुर, टिहरी गढ़वाल के जिला पंचायत सदस्य नहीं रह गये हैं।

इस प्रकार यह पद रिक्त हो गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि श्री अमेन्द्र बिष्ट द्वारा उक्त आदेश के विरूद्ध मा0 उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड, नैनीताल में 458 / 2022 (ए0ओ0) अमेन्द्र बिष्ट बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य वाद दायर की गयी है। मा0 उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 11.10.2023 को उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में सुनवाई की तिथि निर्धारित की गयी है, किन्तु अतिथि तक कोई अन्तरिम राहत प्रदान नहीं की गयी है, जिसके फलस्वरूप वार्ड संख्या-15, विष्ठोंसी सदस्य जिला पंचायत, विकासखण्ड जौनपुर, टिहरी गढ़वाल के सदस्य जिला पंचायत के पद रिक्त होने पर पुनः निर्वाचन के सम्बन्ध में विधि अनुसार निर्वाचन हेतु अग्रेत्तर कार्यवाही किये जाने के निर्देश निर्गत किये गये है।

अतः मा० जिला न्यायाधीश, टिहरी गढ़वाल के आदेश दिनांक 08.12.2022 एवं निदेशालय, पंचायतीराज उत्तराखण्ड देहरादून के पत्रांक 817 दिनांक 01.07.2023 में दिये गये निर्देशों के क्रम में वार्ड संख्या-15, विष्ठाँसी सदस्य जिला पंचायत, विकासखण्ड जौनपुर, टिहरी गढ़वाल के सदस्य जिला पंचायत के पद को रिक्त घोषित करते हुये उक्त में पुनः निर्वाचन किये जाने की अग्रेत्तर कार्यवाही की जायेगी।

क्या था मामला :

जिलापंचायत के चुनाव में बिष्ठौंसी वार्ड दो प्रत्याशी मैदान में थे, जिसमे की एक अमेन्द्र बिष्ट और दूसरे देवेंद्र पंवार, जिसमे की अमेन्द्र बिष्ट ने देवेंद्र पंवार की शैक्षिणिक प्रमाण पत्रों पर रिटर्निंग आफिसर के समाने आपत्ति प्रस्तुत की थे और रिटर्निंग आफिसर ने देवेंद्र पंवार का नामांकन रद्द कर दिया था और अमेन्द्र बिष्ट को निर्वाचित घोषित कर दिया गया था।

उसके बाद देवेंद्र पंवार ने अमेन्द्र बिष्ट की निर्वाचन हो कोर्ट में चुनौती थी और कोर्ट का फैसला आया की और निर्वाचित घोषित करने बहुत भारी कानूनी भूल की है। रिटर्निंग आफिसर द्वारा याची द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन व अभिलेखों का सूक्ष्म विवेचन नहीं किया गया है और मनमाने ढंग से उक्त अवैध आदेश पारित कर याची का नाम निर्देशन पत्र निरस्त किया है। उनकी ओर से प्रार्थना की गयी है कि विपक्षी का निर्विरोध निर्वाचन निरस्त कर पुनः निर्वाचन करने के आदेश पारित करने की कृपा की जाये।

देवेंद्र पंवार द्वारा हाई स्कूल परीक्षा ग्रामीण मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ राज्य से अक्टूबर 2015 में उत्तीर्ण की गई थी और चुनाव याचिका संख्या-02/2020 जिला न्यायाधीश देवेन्द्र सिंह पंवार बनाम सरकार स्कूल परीक्षा उत्तीर्ण होने का प्रमाण पत्र देवेंद्र पंवार द्वारा प्रस्तुत किया गया था। उक्त विद्यालय गर्वमेन्ट ऑफ एन0सी0टी0 ऑफ दिल्ली अधिनियम, 1860 के अन्तर्गत पंजीकृत था और छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल रायपुर, छत्तीसगढ सरकार से सम्बद्ध था और मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार से मान्यता प्राप्त था।