देहरादून: उत्तराखंड स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष पूर्व आईएएस डीके कोटिया ने इस्तीफा दे दिया है. कोटिया के इस्तीफे के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. हालांकि, उनके इस्तीफे की वजह अभी तक सामने नहीं आई है। लेकिन कोटिया ने खुद अपना इस्तीफा मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू को सौंप दिया । खास बात यह है कि डीके कोटिया का कार्यकाल इसी साल दिसंबर महीने में खत्म हो रहा था. लेकिन उससे पहले उनके इस्तीफे से चर्चा का बाजार गर्म हो गया है.

उत्तराखंड सरकार में कई अहम पदों पर रह चुके डीके कोटिया के रिटायरमेंट के बाद साल 2019 में उत्तराखंड सरकार ने उन्हें उत्तराखंड स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी थी. इतना ही नहीं पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू पर लगे आरोपों की जांच के लिए भी डीके कोटिया को नामित किया गया था. इसके बाद डीके कोटिया ने विधानसभा में हुए भर्ती घोटाले की भी जांच की है. यही वजह है कि डीके कोटिया का अचानक इस्तीफा प्रशासन के गले नहीं उतर रहा है.
सूत्रों की मानें तो उत्तराखंड स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ अरूरेंद्र चौहान के तबादले के बाद कार्यभार के चलते डीके कोटिया ने इस्तीफा दिया है। इतना ही नहीं, स्वास्थ्य प्राधिकरण में वित्तीय अनियमितताओं और चिट फंड में पैसों के लेन-देन का मुद्दा भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे डीके कोटिया के इस्तीफे की एक वजह बताया जा रहा है.

